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Monday, May 15, 2023

16 साल के लड़के ने दो दोस्तों की मदद से 12 साल के लड़के को मार डाला, एक हत्यारा महज 11 साल का

बहन से बात करने पर रोका तो 12 साल के लड़के को मार डाला, एक हत्यारा महज 11 साल का


मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से करीब 380 किमी दूर महाराष्ट्र की सीमा पर बसे आदिवासी बहुल जिले सिवनी के एक गांव से दिल दहलाने वाली खबर आई है। यहां तीन लड़कों ने मिलकर 12 साल के एक बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी। पहले साइकिल की चेन से तीनों से उसका गला घोंटा, फिर पत्थर से सिर कुचल डाला। इसके बावजूद जब मासूम ने जान बचाने के लिए गुहार लगाई तो एक आरोपी दौड़कर घर गया और बकरा काटने वाला चाकू ले आया। इससे उसने बच्चे की गर्दन पर वार किया और सिर काटकर अलग कर दिया। 



मौके पर खून बहता देख सभी आरोपी बच्चों ने एक प्लास्टिक की बोरी में बच्चे का शव भरा और घर के पास ही एक गिट्‌टी के ढेर से शव से भरी बोरी दबाकर वहां से भाग निकले। दरअसल पड़ोस में रहने वाली महिला के आने की आहट से उन्हें पकड़े जाने का डर था, इसलिए वे बोरी दबाकर भागे। लेकिन महिला ने बोरी पर खून के निशान देखकर गांव वालों को बताया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। 




फिलहाल पुलिस ने हत्या के आरोपी तीनों बच्चों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें सबसे बड़े आरोपी बच्चे की उम्र 16 साल है, वहीं सबसे छोटा आरोपी महज 11 साल का है। एक आरोपी 14 साल का है।

पढ़िए कि कब, क्या और कहां हुआ

यह हत्या रविवार को जिला मुख्यालय से करीब 28 किलोमीटर दूर बरघाट थाना क्षेत्र के मगरकठा गांव में हुई। बरघाट थाना प्रभारी प्रसन्न शर्मा ने सोमवार को बताया तीन नाबालिग बच्चों ने वारदात को पेशेवर मुजरिमों की तरह अंजाम दिया। एक आरोपी की उम्र 16 साल है जबकि दो अन्य की आयु 14 व 11 साल है, जो सगे भाई भी हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर तीनों नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लेकर बाल न्यायालय में पेश किया है। सोमवार सुबह अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। अब जानते हैं कि आखिर इस जघन्य हत्या की वजह क्या है। 


हत्या की वजह पढ़िए

अगर पुलिस की मानें तो 12 साल के जिस दीपांशु भारद्वाज उर्फ दीपू की हत्या हुई, उसकी एक बहन है। आरोपियों में जिसकी उम्र 16 साल थी, वह अक्सर दीपू की बहन से बात करने की कोशिश किया करता था। दीपू को इससे ऐतराज था, और उसने कई बार इसका विरोध भी किया था। इसी बात पर आरोपी उससे खार खाए बैठा था।  16 वर्षीय मुख्य आरोपी ने लड़की के नाबालिग भाई को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। उसने अपने दो अन्य साथी बच्चो को भी अपने इस प्लान में शामिल कर लिया। इसके बाद  सुनियोजित तरीके से हत्या की वारदात को अंजाम दिया।



ऐसे साजिश को दिया अंजाम

सिवनी एसपी रामजी श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार की दोपहर तीनों नाबालिग आरोपियों ने 12 साल के दीपू को खेलने के बहाने घर के कमरे में बुलाया। वहां पर साइकिल की चेन से बच्चे की गर्दन घोंट दी। तीनों लड़के दीपू पर तब तक चाकुओं से हमला करते रहे जब तक वह पूरी तरह मर नही गया. इसके बाद लाश को ठिकाने लगाने के लिए लाश को बोरी में भर कर घर के पास गिट्‌टी के ढेर के फेंक दिया। 

सबूत मिटाने की भी पूरी कोशिश
यही नहीं, तीनों बच्चों ने हत्या के सभी सबूतों को मिटाने का भी पूरा प्रयास किया। लेकिन जैसे ही परिजनों को बच्चे की लाश मिली, बात पुलिस तक पहुंच गई। पूछताछ में आखिरी बार दीपू के इन तीन बच्चों के साथ देखे जाने की बात सामने आने पर पुलिस ने सोमवार सुबह बच्चो को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। इसके बाद तीनों बच्चों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। फिलहाल तीनों बच्चों के विरुद्ध पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

वारदात से पुलिस भी हैरान
हत्या की इस वारदात से पुलिस अधिकारी भी हैरान हैं। अधिकारियों ने इस घटना को बेहद चिंताजनक बताया है। दरअसल बच्चों द्वारा इतनी कम उम्र में हत्या जैसे गम्भीर अपराध करने के पीछे बच्चों द्वारा आपराधिक और हिंसा वाले कंटेंट वीडियो या फ़िल्म देखने की बढ़ती रुचि को जिम्मेदार माना जा रहा है। 

अब सिवनी जिले के बारे में भी जानिए 

सिवनी, आदिवासी परिवार वाहुल्य जिले का गठन वर्ष 1956 में किया गया था। जिले का नाम मुख्यालय टाउन सिवनी के अनुसार है। सिवनी नाम वेरोनाबल परिवार से संबंधित शब्द सियोना (या आर्बोरिया का गुदिना) वृक्ष से उत्पन्न हुआ, जो आमतौर पर इस क्षेत्र में पाया जाता था। इस पेड़ की लकड़ी विशेष रूप से ढोलक (ड्रम) बनाने के लिए उपयोग किया जाता था ।सिवनी जिला सतपुड़ा पठार के एक संकीर्ण, उत्तर-दक्षिण खंड पर स्थित है और अक्षांश 21 36 ′ और 22 57′ उत्तर और देशांतर 79 19 ′ और 80 17 देशांतर के बीच स्थित है। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-7 (बनारस- कन्याकुमारी) जो उत्तर से दक्षिण तक जिले को जोड़ता है।

बैनगंगा
लोगों द्वारा पूजा की जाने वाली सबसे स्वच्छ नदी में से एक बैनगंगा,जो कि सिवनी (ग्राम- मुढ़ारा) से उत्पन्न हुई थी। संजय सरोवर एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी बांध सिवनी की जीवनरेखा है। यह बांध कृषि और पीने के लिए पानी का एक प्राथमिक स्रोत है।

पेंच राष्ट्रीय उद्यान
पेंच राष्ट्रीय उद्यान जो टाइगर रिजर्व के अंतर्भाग में स्थित है,और मध्य भारत के प्राकृतिक इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। रूडयार्ड किपलिंग के जंगल बुक के प्रसिद्ध चरित्र “मोगली” द्वारा वन्यजीव पुस्तकों में इसकी वनस्पतियों और जीवों के विवरण दिखाई दिए हैं, जिसमें 37% हरे वन क्षेत्र वाले सिवनी की प्रकृति की बहुतायत का चित्रण शामिल है। सिवनी जिला लकड़ी और अन्य वन उपज से समृद्ध है।

  • सिवनी जिले का क्षेत्रफल 8758 वर्ग किमी है और जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से महिला कार्य सहभागिता की एक अच्छी संख्या के साथ कृषि पर निर्भर है।

  • 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की कुल जनसंख्या 13,79,131 है, जिसमें से 12,15,241 ग्रामीण आबादी और 1,63,890 शहरी आबादी है।

  • राज्य के औसत की तुलना में अनुसूचित जनजाति की आबादी 429104 अच्छे लिंगानुपात के साथ है।सिवनी जिले की पुरुष और महिला साक्षरता दर क्रमशः 72.1 प्रतिशत और 63.7 है।

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